9 दिसंबर 2018 - 15:06
कभी अफ़ग़ानिस्तान छोड़ने का प्रस्ताव नहीं दियाः अमरीकी जनरल

अमरीका के आर्मी चीफ़ जनरल जोज़फ़ डैनफ़ोर्ड ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान से अमरीकी सैनिकों की वापसी दक्षिणी एशिया में अस्थिरता और आतंकवाद को अमरीका पर एक और हमले की योजना तैयार करने का शून्य उपलब्ध करा देगी।

आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई का ढोंग करने वाले अमरीका के सेना प्रमुख डैनफ़ोर्ड ने अफ़ग़ानिस्तान में अमरीका की सैनिक उपस्थिति लंबे समय तक जारी रहने पर ज़ोर देते हुए कहा कि यह अफ़ग़ानिस्तान में स्थिरता लाने के लिए ज़रूरी है।

अमरीकी जनरल से पूछा गया कि अब किस स्थिति में अफ़ग़ानिस्तान से अमरीकी सैनिकों की स्वदेश वापसी का प्रस्ताव दे सकते हैं जिस पर अमरीकी सेना के चेयरमैन ज्वाइंट चीफ़्स आफ़ स्टाफ़ डैनफ़ोर्ड ने कहा कि मैं यह प्रस्ताव नहीं दूंगा कि हम अफ़ग़ानिस्तान को छोड़ दें क्योंकि मेरे अनुसार अफ़ग़ानिस्तान को छोड़ना दक्षिणी एशिया में अस्थिरता पैदा करने के साथ ही आतंकियों को अमरीकी जनता, अमरीका की धरती तथा उसके घटकों के ख़िलाफ़ योजनाबंदी के लिए शून्य उपलब्ध करा देगा।

जब वाशिंग्टन पोस्ट के एडिटर ने डैनफ़ोर्ड से सवाल किया कि पिछले दो सप्ताहों में अफ़ग़ानिस्तान में 5 अमरीकी सैनिकों के मारे जाने पर अमरीकी जनता ने सवाल उठाए हैं तो अमरीकी जनरल ने कहाक  मेरे अनुसार अफ़ग़ानिस्तान में हमारी उपस्थिति के कारण दुशमन परेशान है जिससे उनकी अमरीका को धमकाने की स्थिति कमज़ोर हुई है।

अमरीकी जनरल ने कहा कि यदि हम अफ़ग़ानिस्तान से निकल गए तो दुशमन भविष्य में भी 11 सित्मबर जैसा कोई हमला कर सकते हैं।

ज्ञात रहे कि 11 सितम्बर के हमले में लिप्त 19 आतंकियों में 15 सऊदी अरब के नागरिक थे और अमरीका में होने वाली जांच से पता चला है कि इन हमलावरों के सऊदी अधिकारियों से संपर्क थे इसीलिए अमरीका में आतंकी हमले के पीड़ितों ने सऊदी अरब के ख़िलाफ़ मुक़द्दमा भी दायर कर रखा है मगर अमरीका ने इस हमले के बहाने अफ़ग़ानिस्तान पर हमला कर दिया था और आज तक अमरीकी और नैटो सैनिक अफ़ग़ानिस्तान में तैनात हैं।

अमरीकी जनरल ने एक और बेबुनियाद दावा करते हुए कहा कि दक्षिणी एशिया में हमारे हित, स्थायी अर्थ व्यवस्था जबकि टिकाऊ लोकतंत्र अमरीकी सैनिकों की उपस्थिति पर निर्भर है।